सोमवार, 22 जून 2020



सुशांत सिंह राजपूत की मौंत
         ये याद आते ही बहुत कुछ होता है दिमाग में दिल में , सुशांत एक ऐसा नाम जो दुनियाँ जानती है पहचानती है, वो दर्द बहुत पास से गुज़रता है ...|
          पर आज भी बहुत से ऐसे नाम है जिनको हम नहीं जानते और उनके साथ भी ऐसा होता आया ,और अभी भी शायद बहुत कुछ घट रहा हो ... पर हम सब, आप सब सभी अंजान है ... शायद फिर कोई जान चली जाए... ऐसा क्यूँ ! कौन है इनके गुनहगार ,कौन है ये लोग ? नहीं पता  ! सोचिए  कहीं हम सब ही तो नहीं ...


एक जवान बेटे की चिता को अग्नि देता वो पिता ...उफ़ !
हमारे चारो ओर कुछ बादलाव की ज़रूरत है पर क्या ये हमे सोचना है ...और उनपर अमल भी, ताकि हमारे लोग ये जीवन खुल कर जी सके ,खुसियाँ और दुख दोनों पाहलुओ को ठहर कर देख और जी सके ...|
 धन्यवाद 



रविवार, 24 मई 2020

शुक्रवार, 1 मई 2020

खाली- खाली सारे मंज़र




खाली- खाली सारे मंज़र
गलियाँ सूनी, रास्ते सूने
बदलेगा ये मौसम भी ...
वक़्त का पहिया
चलता रहता
फ़िर से होगा हल्ला-गुल्ला
शोर- शराबा ...