शुक्रवार, 5 मई 2023

कविता और उसकी सुंदरता


कविता और उसकी सुंदरता

कविता साहित्य का एक अनूठा रूप है जिसने सदियों से दर्शकों को मोहित किया है। यह लेखक को अपने विचारों, भावनाओं और अनुभवों को रचनात्मक और कलात्मक तरीके से व्यक्त करने की अनुमति देता है। हालाँकि कविताएँ विभिन्न शैलियों और रूपों में लिखी जा सकती हैं, लेकिन उनमें एक बात समान है - भाषा की सुंदरता

कविता के सबसे उल्लेखनीय पहलुओं में से एक यह है कि यह कैसे कुछ ही पंक्तियों में इतना अधिक अर्थ व्यक्त कर सकती है। एक अच्छी तरह से तैयार की गई कविता पाठक के मन में एक तस्वीर बना सकती है, भावनाओं को जगा सकती है और यहाँ तक ​​कि उनके सोचने के तरीके को भी चुनौती दे सकती है । कविता की संक्षिप्तता ही उसे इतना शक्तिशाली बनाती है। यह एक पल या एक भावना को इस तरह से पकड़ सकता है कि मन को मोहित कर ले ।

भाषा की बाधाओं को पार करने की शक्ति भी कविता में है। चूंकि यह शब्दों की सुंदरता और कल्पना पर बहुत अधिक निर्भर करता है, यह विभिन्न संस्कृतियों और भाषाओं के लोगों से बात कर सकता है । कविता की सुंदरता लोगों को गहरे स्तर पर जोड़ने की क्षमता में निहित है, मानवीय अनुभव को इस तरह व्यक्त करने के लिए जो हर किसी के साथ प्रतिध्वनित हो।

 इसके अलावा, कविता व्यक्तिगत विकास और आत्म-अभिव्यक्ति का साधन हो सकती है। कविता लेखन व्यक्तियों को अपनी भावनाओं और अनुभवों को रचनात्मक तरीके से तलाशने की अनुमति देता है, आत्म-खोज और प्रतिबिंब के लिए एक आउटलेट प्रदान करता है। यह उन्हें अपने विचारों और भावनाओं को इस तरह से संप्रेषित करने की अनुमति देता है कि वे रोज़मर्रा की बातचीत में स्पष्ट रूप से व्यक्त करने में सक्षम न हों।

 


अंत में, कविता की सुंदरता मानवीय अनुभव के सार को रचनात्मक और कलात्मक तरीके से पकड़ने की क्षमता में निहित है। इसमें भाषा की बाधाओं को पार करने, भावनाओं को जगाने और हमारे सोचने के तरीके को चुनौती देने की शक्ति है। चाहे वह व्यक्तिगत विकास के लिए हो या सार्वजनिक उपभोग के लिए, कविता एक कालातीत कला रूप है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए दर्शकों को प्रेरित और मोहित करती रहेगी।

 

धन्यवाद के साथ

Pushpa Gupta

 

गुरुवार, 4 मई 2023

 

 

कविता और मानसिक स्वास्थ्य का आपस में संबंध

कविता और मानसिक स्वास्थ्य का आपस में गहरा संबंध है, और यह वर्णन करने के कई तरीके हैं कि कविता हमारे मानसिक कल्याण को कैसे प्रभावित कर सकती है। यहाँ कुछ विचार हैं -


आत्म-अभिव्यक्ति: कविता भावनाओं और अनुभवों को व्यक्त करने के लिए एक शक्तिशाली आउटलेट प्रदान कर सकती है जिन्हें शब्दों में बयां करना मुश्किल है। कविता लिखने से हमें कठिन भावनाओं को संसाधित करने, आघात के माध्यम से काम करने और अपने विचारों और भावनाओं में अंतर्दृष्टि प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।


सहानुभूति और जुड़ाव: कविता दूसरों के साथ संबंध और सहानुभूति की भावना पैदा कर सकती है। कविता पढ़ना और लिखना हमें अपने संघर्षों में कम अकेला महसूस करने में मदद कर सकता है, और दूसरों के अनुभवों को समझने में हमारी मदद कर सकता है जो समान चुनौतियों से गुज़रे हैं।

 

हीलिंग और रिकवरी: कविता हीलिंग और रिकवरी का एक उपकरण हो सकती है। कविता लिखने और पढ़ने से हमें अवसाद, चिंता और PTSD जैसे मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों से निपटने में मदद मिल सकती है और स्वीकृति और विकास की दिशा में काम करने का एक तरीका हो सकता है।

 

सचेतनता और उपस्थिति: कविता हमारे जीवन में सचेतनता और उपस्थिति को विकसित करने का एक तरीका हो सकती है। कविता लिखना और पढ़ना हमें वर्तमान क्षण पर ध्यान केंद्रित करने में मदद कर सकता है, और हमारे आसपास की दुनिया की सुंदरता और जटिलता से जुड़ने का एक तरीका हो सकता है।

कविता और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंध का वर्णन करते समय, इस बात पर जोर देना महत्वपूर्ण है कि कविता पेशेवर मानसिक स्वास्थ्य उपचार का विकल्प नहीं है। हालांकि, कविता चिकित्सा और मानसिक स्वास्थ्य सहायता के अन्य रूपों के लिए एक शक्तिशाली पूरक हो सकती है।

-          -  Pushpa Gupta

 


मंगलवार, 22 नवंबर 2022

                                 

                                  माँ तुम आ गई

                                                                        आओ माँ ...

नारी का ये रूप सबसे निर्मल

हर रूप में नारी तू माँ है

हे माँ तू दीप दिखा

नारी को उसकी पहचान बता   

-    पुष्पा - 


 

रविवार, 20 नवंबर 2022

ज़िन्दगी 

                          इस अंबर पे सैकड़ों तारे झिलमिलाते से

कई अनजाने और कुछ पहचाने से

एक विशाल भू – खंड

और उसे पूर्णता देता ये अंबर

कितनी हलचल, कितना शोर

जैसे कही पहुँचने की होड़

कुछ पा लेने की दौड़

और कई खामोशियाँ

कुछ तन्हाइयाँ

कभी चाँद, तारो से बातें

कई रिवायते

कुछ संस्कार

कितनी हँसी, खिलखिलाहट

कुछ आँसू

कितने दोस्त और हबीब

कुछ रकीब

इन सबके साथ

चलती ये ज़िंदगी

गिरती सम्भलती

रूकती, भागती ये ज़िन्दगी

 https://www.facebook.com/Meripushpkavitaye

-    पुष्पा गुप्ता - 


 

सोमवार, 7 नवंबर 2022

 


जाते जाते सूरज मुझसे ये कह गया

कल फिर से मिलूंगा दोस्त

अभी बाकी का सफ़र रह गया...

मिलना तुम मुझे, उसी चमकती

निग़ाहों से निहारना ...

हां सच में मै वहीं हूं, तेरे आस का सूरज |

गोधुली बेला, सूरज की चमक मद्धम सी

सभी पक्षी घर जाने को आतुर

धीरे-धीरे क्षितिज के पार जाती लालिमा

ये अँधेरा बोध कराता ख़ुद का

जैसे राही बस सुबह का इंतज़ार ही ना करे

अस्तित्व की कुछ पहचान भी पा ले

जैसे सुबह और रात

पूरक है एक दूसरे का

ऐसे ही चलते हुए ठहरना भी

इशारा है सूरज का...

सफ़र आभी बाकी है दोस्त

किरण फूटेगी

चिड़ियाँ फ़िर चहचहाएँगी

क्योंकि

जाते जाते सूरज मुझसे ये कह गया

कल फिर से मिलूंगा दोस्त

अभी बाकी का सफ़र रह गया...

-    पुष्पा गुप्ता  -

 

 

मंगलवार, 12 अप्रैल 2022

 सीली हवा छू गई, सिला बदन छिल गया

नीली नदी के परे पीला सा चाँद खिल गया
तुमसे मिली जो ज़िन्दगी, हमने अभी बोई नहीं
तेरे सिवा कोई न था, तेरे सिवा कोई नहीं
सीली हवा छू गई, सीला बदन छिल गया
जाने कहाँ कैसे शहर ले के चला ये दिल मुझे
तेरे बगैर दिन ना जला, तेरे बगैर शब ना बुझे
सीली हवा छू गई, सीला बदन छिल गया
जितने भी तय करते गए, बढ़ते गए ये फ़ासले
मीलो से दिन छोड़ आएँ, सालो से रात ले के चले
सीली हवा छू गई, सीला बदन छिल गया
नीली नदी के परे पीला सा चाँद खिल गया ...

- गुलज़ार 


गुरुवार, 20 मई 2021


सुना है डरना मना है

ये उड़ता-उड़ता मुझको भी

पता चला है |

कल भोर बेला में
येसा लगा, बहुत पास से
आसमान में एक हवाई जहाज निकला
ना, मै डरी नहीं, कोई नई बात थोड़े ही है
आसमान मे ये आवाज़े
बस मन जैसे आशंकित हुआ
आधी नींद मे ही ऐसा लगा
की ये आखिरी समय तो नहीं आया !
कही ये आसमान से बमों की
बारिस तो नहीं करेगा .. !
हाँ- हाँ, पता है
डरना मना है
उठने पर मै खुद पर ही हँसी
और सोचा, मै डरी क्यों !
ये हम सब की सोच में
कैसा ज़हर है
संभलों और संभालो अपनों को भी
क्योंकि, ना चाहते हुए भी
सामने खौफ़ का भयावह मंज़र है ..|
पर सुना है
डरना मना है |
- पुष्पा -